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बच्चों की होली/बेनाम कोहड़ाबाज़ारी.
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बच्चों के संग
होली एक जंग
देखो बचे कोई नहीं
बिन खेले रंग .
दौड़े धूपे बच्चे सब
फेकें पिचकारी
और बच्चों के आगे
तो चाची भी हारी .
चाची भी हारी कि
जोश है खरोश है
नटखटपन पे बच्चों के
जमाना मदहोश है .
अजय अमिताभ सुमन
उर्फ
बेनाम कोहड़ाबाज़ारी